खेती के यंत्रों पर 80% सब्सिडी: आवेदन प्रक्रिया और पात्रता | Kisan Subsidy 2026
आधुनिक खेती के लिए सरकारी सहायता: ट्रैक्टर और रोटावेटर जैसे यंत्रों पर भारी छूट का लाभ उठाएं।
खेती के यंत्रों पर 80% सब्सिडी: आवेदन प्रक्रिया और पात्रता | Kisan Subsidy 2026
आज के आधुनिक युग में खेती केवल मेहनत का काम नहीं रह गया है, बल्कि यह तकनीक और सही मशीनों का संगम बन चुका है। लेकिन कई बार आर्थिक तंगी के कारण छोटे और सीमांत किसान इन आधुनिक मशीनों को खरीद नहीं पाते। आपकी इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने ‘सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन’ (SMAM) और अन्य राज्य स्तरीय योजनाओं के तहत कृषि यंत्रों पर 80% तक की भारी सब्सिडी देने का ऐलान किया है। Kisan Agriculture Machine Subsidy Yojana
भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा खेती को आधुनिक बनाने के लिए कृषि यंत्रों पर 80% तक की सब्सिडी दी जा रही है। जानें कौन से यंत्र इस योजना में शामिल हैं, पात्रता क्या है और ऑनलाइन आवेदन कैसे करें।
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अगर आप भी ट्रैक्टर, रोटावेटर या कल्टीवेटर जैसे यंत्र खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है। आइए विस्तार से जानते हैं इस योजना के बारे में।
1. क्या है कृषि यंत्र सब्सिडी योजना?
सरकार का मुख्य लक्ष्य खेती में ‘यंत्रीकरण’ (Mechanization) को बढ़ावा देना है ताकि कम समय और कम लागत में अधिक पैदावार हो सके। इस योजना के तहत व्यक्तिगत किसानों को मशीनों की खरीद पर 40% से 50% तक की सब्सिडी दी जाती है, जबकि किसान समूहों (FPOs) या कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) स्थापित करने पर यह सब्सिडी 80% तक पहुँच जाती है।
2. किन यंत्रों पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
योजना के अंतर्गत लगभग 91 प्रकार के कृषि यंत्रों को शामिल किया गया है। मुख्य यंत्रों की सूची और उन पर संभावित सब्सिडी नीचे दी गई है:
| कृषि यंत्र | सामान्य किसान (सब्सिडी) | महिला/SC/ST किसान (सब्सिडी) |
| ट्रैक्टर | 40% – 50% | 50% या अधिक |
| रोटावेटर | 40% | 50% |
| पावर टिलर | 40% | 50% |
| सीड ड्रिल / कल्टीवेटर | 40% | 50% |
| फार्म मशीनरी बैंक (समूह) | – | 80% (अधिकतम 8 लाख तक) |
| कस्टम हायरिंग सेंटर | – | 80% (अधिकतम 12 लाख तक) |
नोट: सब्सिडी की दरें अलग-अलग राज्यों (जैसे यूपी, बिहार, हरियाणा, एमपी) में थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।
3. आवेदन के लिए पात्रता (Eligibility)
- आवेदक भारत का स्थायी निवासी और एक किसान होना चाहिए।
- किसान के पास खेती योग्य भूमि के दस्तावेज होने चाहिए।
- जो किसान पहले किसी ऐसी योजना का लाभ ले चुके हैं, वे एक निश्चित समय (आमतौर पर 3-5 साल) के बाद ही पुनः पात्र होंगे।
- प्राथमिकता छोटे, सीमांत और महिला किसानों को दी जाएगी।
4. जरूरी दस्तावेज (Important Documents)
आवेदन करने से पहले इन दस्तावेजों को तैयार रखें:
- आधार कार्ड (पहचान के लिए)
- जमीन के कागज (खतौनी/जमाबंदी/LPC)
- बैंक पासबुक की कॉपी (सब्सिडी सीधे खाते में आएगी)
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक होना अनिवार्य)
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC वर्ग के लिए)
- पासपोर्ट साइज फोटो
5. आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Process)
आवेदन प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल हो गई है। आप नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:
- स्टेप 1: सबसे पहले भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल agrimachinery.nic.in पर जाएं या अपने राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट (जैसे UP Agriculture, Bihar DBT Agriculture) पर लॉग इन करें।
- स्टेप 2: ‘Farmer Registration’ के विकल्प पर क्लिक करें और अपना आधार नंबर दर्ज करें।
- स्टेप 3: अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जमीन का विवरण और बैंक खाते की जानकारी भरें।
- स्टेप 4: अब उन यंत्रों का चयन करें जिन्हें आप खरीदना चाहते हैं।
- स्टेप 5: मांगे गए सभी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें और फॉर्म को ‘Submit’ कर दें।
प्रो टिप: कई राज्यों में सब्सिडी का वितरण ‘पहले आओ, पहले पाओ’ या ‘लॉटरी सिस्टम’ के माध्यम से किया जाता है। इसलिए समय सीमा (Deadline) समाप्त होने से पहले आवेदन करना बेहतर रहता है।
6. लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया
आवेदन मंजूर होने के बाद, आपको विभाग द्वारा सूचीबद्ध डीलर से मशीन खरीदनी होगी। खरीद का बिल पोर्टल पर अपलोड करना होता है। इसके बाद कृषि अधिकारी आपके खेत या मशीन का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेंगे। सत्यापन सफल होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे आपके DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
निष्कर्ष
कृषि यंत्रों पर मिलने वाली यह सब्सिडी छोटे किसानों के लिए एक वरदान है। यह न केवल शारीरिक श्रम को कम करती है, बल्कि खेती को एक व्यवसाय के रूप में विकसित करने में मदद करती है। यदि आप भी अपनी खेती को आधुनिक बनाना चाहते हैं, तो आज ही अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाएं या स्वयं ऑनलाइन आवेदन करें।





