Bakri Palan Loan Yojana Apply: बकरी पालन लोन योजना 2 लाख तक का लोन मिलना शुरू, जल्दी करें आवेदन
बकरी पालन के लिए 2 लाख तक लोन कैसे लें? पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया
Bakri Palan Loan Yojana Apply: बकरी पालन लोन योजना 2 लाख तक का लोन मिलना शुरू, जल्दी करें आवेदन
भारत में ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे किसानों के लिए बकरी पालन एक ऐसा व्यवसाय है, जो कम पूंजी में शुरू होकर नियमित और स्थिर आय देने की क्षमता रखता है। दूध, मांस, खाद और बच्चों (kids) की बिक्री से किसान साल भर कमाई कर सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार और बैंकों द्वारा बकरी पालन लोन योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को ₹2 लाख तक का लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। बकरी पालन लोन
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इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि Bakri Palan Loan Yojana क्या है, इसके लाभ, पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया, लोन राशि, ब्याज दर, सब्सिडी और इससे जुड़े महत्वपूर्ण सवालों के जवाब।
बकरी पालन लोन योजना के तहत अब किसानों और पशुपालकों को ₹2 लाख तक का लोन मिलना शुरू हो गया है। जानिए पात्रता, दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी और बकरी पालन से होने वाली कमाई की पूरी जानकारी।
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बकरी पालन लोन योजना क्या है?
बकरी पालन लोन योजना एक वित्तीय सहायता योजना है, जिसके तहत किसान, पशुपालक, स्वयं सहायता समूह (SHG), ग्रामीण युवक-युवतियां और छोटे उद्यमी बकरी पालन व्यवसाय शुरू करने या उसे बढ़ाने के लिए बैंक से लोन ले सकते हैं। Goat Farming Loan
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ाना, आय के स्रोत तैयार करना और पशुपालन को बढ़ावा देना है।
अधिकांश मामलों में यह लोन राष्ट्रीयकृत बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों के माध्यम से दिया जाता है। कई योजनाओं में सब्सिडी का भी प्रावधान होता है, जिससे लाभार्थी पर आर्थिक बोझ कम हो जाता है। Bakri Palan Business
बकरी पालन क्यों है एक लाभदायक व्यवसाय?
बकरी पालन को “गरीबों की गाय” भी कहा जाता है। इसके पीछे कई मजबूत कारण हैं:
- कम लागत में शुरुआत – गाय या भैंस की तुलना में बकरी सस्ती होती है।
- कम जगह की आवश्यकता – छोटे शेड में भी पालन संभव।
- तेजी से प्रजनन – एक बकरी साल में 2 बार बच्चे दे सकती है।
- हर मौसम में मांग – बकरी का दूध और मांस दोनों की बाजार में अच्छी मांग।
- कम जोखिम – बीमारियों का खतरा अन्य पशुओं की तुलना में कम।
इसी वजह से बैंक भी बकरी पालन लोन देने में रुचि दिखाते हैं।
बकरी पालन लोन के अंतर्गत कितनी राशि मिलती है?
बकरी पालन लोन योजना के तहत लोन राशि व्यवसाय के आकार पर निर्भर करती है। आमतौर पर: बकरी पालन योजना

- छोटा स्तर: ₹50,000 से ₹1,00,000
- मध्यम स्तर: ₹1,00,000 से ₹2,00,000
- बड़ा स्तर / कमर्शियल फार्म: ₹2 लाख से अधिक (प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर)
यदि आप 10–20 बकरियों से शुरुआत करना चाहते हैं, तो ₹2 लाख तक का लोन पर्याप्त माना जाता है, जिसमें बकरियों की खरीद, शेड निर्माण, चारा और शुरुआती देखभाल का खर्च शामिल होता है। Goat Farming in India
बकरी पालन लोन योजना के लाभ
इस योजना से लाभार्थियों को कई फायदे मिलते हैं:

- स्वरोजगार का अवसर
- ग्रामीण युवाओं को आय का साधन
- कम ब्याज दर पर लोन
- कुछ मामलों में सरकारी सब्सिडी
- व्यवसाय विस्तार में मदद
- महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्राथमिकता
बकरी पालन लोन पर मिलने वाली सब्सिडी
कई सरकारी योजनाओं में बकरी पालन पर 25% से 50% तक सब्सिडी दी जाती है।
यह सब्सिडी आमतौर पर निम्न वर्गों को अधिक मिलती है: Bakri Palan Subsidy
- अनुसूचित जाति / जनजाति
- महिला लाभार्थी
- स्वयं सहायता समूह
- सीमांत और छोटे किसान
सब्सिडी सीधे बैंक लोन खाते में समायोजित कर दी जाती है, जिससे आपको कम राशि चुकानी पड़ती है।
पात्रता (Eligibility Criteria)
बकरी पालन लोन के लिए आवेदन करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आप पात्र हैं या नहीं। सामान्यतः पात्रता इस प्रकार होती है: Goat Farming Scheme
- आवेदक भारत का नागरिक हो
- आयु 18 से 60 वर्ष के बीच
- किसान, पशुपालक या ग्रामीण युवक/युवती
- पहले से कोई बड़ा डिफॉल्ट न हो
- बकरी पालन के लिए स्थान उपलब्ध हो
- प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (कुछ बैंकों में आवश्यक)
जरूरी दस्तावेज (Documents Required)
बकरी पालन लोन के लिए आवेदन करते समय निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र (वोटर ID / पैन कार्ड)
- निवास प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक खाता विवरण
- आय प्रमाण पत्र
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट (बकरी पालन योजना)
- जाति प्रमाण पत्र (यदि सब्सिडी के लिए आवश्यक हो)
बकरी पालन प्रोजेक्ट रिपोर्ट क्यों जरूरी है?
बैंक लोन देने से पहले यह जानना चाहता है कि आपका व्यवसाय कितना लाभदायक होगा।
प्रोजेक्ट रिपोर्ट में आमतौर पर शामिल होता है:
- कितनी बकरियों से शुरुआत करेंगे
- बकरियों की नस्ल
- कुल लागत
- संभावित आय
- खर्च और मुनाफा
- लोन चुकाने की योजना
अच्छी प्रोजेक्ट रिपोर्ट से लोन स्वीकृति की संभावना बढ़ जाती है।
बकरी पालन लोन के लिए आवेदन कैसे करें?
बकरी पालन लोन के लिए आवेदन की प्रक्रिया सरल है:
- अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाएं
- बकरी पालन लोन फॉर्म प्राप्त करें
- सभी जानकारी सही-सही भरें
- जरूरी दस्तावेज संलग्न करें
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करें
- बैंक द्वारा सत्यापन किया जाएगा
- लोन स्वीकृत होने पर राशि खाते में जमा होगी
कुछ बैंक ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी देते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ऑफलाइन प्रक्रिया अधिक प्रचलित है।
बकरी पालन लोन की ब्याज दर और अवधि
- ब्याज दर: आमतौर पर 7% से 12% प्रति वर्ष
- लोन अवधि: 3 से 7 वर्ष
- ग्रेेस पीरियड: 6 महीने से 1 वर्ष (कुछ मामलों में)
ब्याज दर बैंक और योजना के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
बकरी पालन से कितनी कमाई हो सकती है?
यदि आप 20 बकरियों से शुरुआत करते हैं, तो अनुमानित आय इस प्रकार हो सकती है:
- दूध बिक्री
- बच्चों की बिक्री
- खाद की बिक्री
सही प्रबंधन से सालाना ₹1.5 लाख से ₹3 लाख तक की आय संभव है। जैसे-जैसे फार्म बढ़ेगा, कमाई भी बढ़ेगी।
बकरी पालन में ध्यान रखने योग्य बातें
- अच्छी नस्ल की बकरियों का चयन
- साफ-सुथरा और हवादार शेड
- समय पर टीकाकरण
- संतुलित आहार
- नियमित पशु चिकित्सक सलाह
निष्कर्ष
Bakri Palan Loan Yojana ग्रामीण भारत के लिए एक सुनहरा अवसर है। यदि आप कम पूंजी में एक लाभदायक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो ₹2 लाख तक का बकरी पालन लोन आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। सही योजना, सही जानकारी और मेहनत के साथ आप बकरी पालन को एक सफल व्यवसाय बना सकते हैं।
यदि आप आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं और खेती के साथ अतिरिक्त आय का साधन खोज रहे हैं, तो बकरी पालन लोन योजना के लिए जल्दी आवेदन करें और अपने सपनों को साकार करें।





